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Hindi mein Blog
आज सोचा की, क्यो न हिन्दी में लिखा जाए. सच बड़ा मज़ा आ रहा है. अभी गाना चल रहा है, "तुझसे नाराज़ नहीं ज़िंदगी ..........." मन थोड़ा सा उदास हो गया है. आरे वाहः, चलो गाना तो बदला! हाँ, तो अब "माया मेमसाब" का टाइटल सॉंग सुन रहीं हूँ, जो मुझे बहुत पसंद है. यह फिल्म बहुत ही अर्थपूर्ण है. मुझें लगता है की हर औरत में कहीं ना कहीं एक माया मेमसाहेब है! मैं यह नहीं कह रही की हम सब अपना घर बार छोड़ कर सिर्फ प्यार के सपने देखतीं हैं.............. खैर, अब टाइप करना मुश्किल हो रहा है, इस बारे मैं ज्यादा चर्चा नेक्स्ट ब्लॉग में करेंगे...................
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